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Tuesday, 14 November 2017

यशवंत सिन्हा ने फिर साधा मोदी पर निशाना, कहा- 'तुगलक ने भी की थी नोटबंदी'

November 14, 2017 0

यशवंत सिन्हा ने फिर साधा मोदी पर निशाना, कहा- 'तुगलक ने भी की थी नोटबंदी'





प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर नोटबंदी को लेकर निशाना साधते हुए पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि 14वीं सदी के दिल्ली सुल्तान मोहम्मद बिन तुगलक ने भी 700 साल पहले नोटबंदी की थी.

इस विवादित कदम के लिए मोदी की आलोचना करते हुए सिन्हा ने कहा कि नोटबंदी ने देश की अर्थ व्यवस्था को 3.75 लाख करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है.

उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि बहुत सारे ऐसे शंहशाह (राजा) हुए हैं जो अपनी मुद्रा लेकर आए. कुछ ने नई मुद्रा को चलन में लाने के साथ-साथ पहले वाली मुद्रा का भी चलन जारी रखा. लेकिन 700 साल पहले एक शंहशाह मोहम्मद बिन तुगलक था जो नई मुद्रा लेकर आया और पुरानी मुद्रा के चलन को समाप्त कर दिया.

आप को बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा नोटबंदी को ले कर लगातार मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैं. इससे पहले भी यशवंत सिन्हा ने जीएसटी और नोटबंदी को ले कर मोदी सरकार पर देश कि अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था.
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मोदी ने दिया सभी आसियान देशों को संदेश, 'आतंक के खिलाफ मिल कर छेड़ें जंग'

November 14, 2017 0

मोदी ने दिया सभी आसियान देशों को संदेश, 'आतंक के खिलाफ मिल कर छेड़ें जंग'




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत और आसियान समूह के देशों को आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद से लड़ने के लिए एक साथ आने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि भारत की एक्ट ईस्ट नीति आसियान के इर्द गिर्द बनाई गई है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना में इसकी प्रमुखता स्पष्ट है.

मोदी ने 15वें भारत-आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के संगठन) सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "हम लोगों ने अलग-अलग रूप से आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए बहुत मेहनत की है. यह महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साथ मिलकर लड़ने के लिए सहयोग बढ़ाने का समय है."

प्रधानमंत्री ने कहा, "इस ऐतिहासिक समय में मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि आसियान के सदस्य देश एक लक्ष्य, एक दृष्टिकोण, एक पहचान और एक स्वतंत्र समुदाय को लेकर साथ काम करने को सहमत होंगे."

उन्होंने कहा, "तीसरी आसियान-भारत कार्ययोजना के तहत हमारे सहयोग के विस्तृत एजेंडे में काफी प्रगति हुई है. इसके अंतर्गत तीन मुख्य स्तंभ राजनीतिक-सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक साझेदारी आते हैं.

मोदी ने कहा, "दोनों देशों के बीच हजारों वर्ष पहले भारत और आसियान देशों के बीच समुद्री सहयोग स्थापित हुआ था और आसियान देशों के साथ हमारे व्यापार संबंध विकसित हुए थे. हमें संबंधों को मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करना होगा."

मोदी ने आसियान देशों को नियम आधारित क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना प्राप्त करने में सहयोग के लिए आश्वस्त किया.

पूर्व एशिया सम्मेलन के आधार पर, चार दस्तावेज जारी किए गए, जिनमें आतंकवाद की विचारधारा के विरुद्ध लड़ाई, धन शोधन और आतंकवाद वित्तपोषण पर आतंकवादी कथनों और प्रचार पर रोक, गरीबी और रासायनिक हथियारों के उन्मूलन पर सहयोग शामिल है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया के साथ चारपक्षीय समूह बनने की सुगबुगाहट के बीच मंगलवार को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित और मुक्त नौवहन और कानून के शासन और अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता का जोरदार समर्थन किया.

उन्होंने भारत-आसियान और पूर्व एशिया शिखर सम्मेलनों से अलग क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए आतंकवाद की समस्या से निपटने की बात कही.
उन्होंने इस मुद्दे पर भारत और आसियान समूह के देशों को एक साथ आने का आह्वान किया.

मोदी ने हिंद-प्रशांत में सुरक्षित नौवहन पर दिया जोर

मोदी ने जापान, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के नेताओं के साथ कई सारी बैठकें की, और इस दौरान मुक्त नौवहन के भारत के रुख को स्पष्ट किया गया.

विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) प्रीति सरन ने नेताओं के साथ प्रधानमंत्री की बैठकों के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते समय कहा, "हमारे प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित और मुक्त नौवहन के महत्व को रेखांकित किया और कानून के शासन और अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता के अनुपालन और समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र के संकल्प का सम्मान करने का आह्वान किया."

भारत, अमेरिका और जापान चाहते हैं कि चीन को रोकने के लिए आस्ट्रेलिया चारपक्षीय पहल का हिस्सा बने. इन चारों देशों के अधिकारियों ने रविवार को यहां मुलाकात की थी, जबकि औपचारिक शिखर बैठक नहीं शुरू हुई थी.

मोदी ने रविवार को जिन नेताओं से मुलाकात की, उनमें जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे और आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल शामिल थे.

टर्नबुल के साथ मुलाकात के बाद मोदी ने ट्वीट किया, "आप से मिलकर अच्छा लगा. आज की हमारी बातचीत से भारत और आस्ट्रेलिया की दोस्ती में नई ऊर्जा जुड़ी है."

मोदी ने कहा कि भारत की एक्ट ईस्ट नीति आसियान के इर्दगिर्द बनाई गई है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना में इसकी प्रमुखता स्पष्ट है.

मोदी ने 15वें भारत-आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के संगठन) सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "हम लोगों ने अलग-अलग रूप से आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए बहुत मेहनत की है. यह महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साथ मिलकर लड़ने के लिए सहयोग बढ़ाने का समय है."

प्रधानमंत्री ने कहा, "इस ऐतिहासिक समय में मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि आसियान के सदस्य देश एक लक्ष्य, एक दृष्टिकोण, एक पहचान और एक स्वतंत्र समुदाय को लेकर साथ काम करने को सहमत होंगे."

उन्होंने कहा, "तीसरी आसियान-भारत कार्ययोजना के तहत हमारे सहयोग के विस्तृत एजेंडे में काफी प्रगति हुई है. इसके अंतर्गत तीन मुख्य स्तंभ राजनीतिक-सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक साझेदारी आते हैं.

मोदी ने कहा, "दोनों देशों के बीच हजारों वर्ष पहले भारत और आसियान देशों के बीच समुद्री सहयोग स्थापित हुआ था और आसियान देशों के साथ हमारे व्यापार संबंध विकसित हुए थे. हमें संबंधों को मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करना होगा."

मोदी ने आसियान देशों को नियम आधारित क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना प्राप्त करने में सहयोग के लिए आश्वस्त किया. पूर्व एशिया सम्मेलन के आधार पर, चार दस्तावेज जारी किए गए, जिनमें आतंकवाद की विचारधारा के विरुद्ध लड़ाई, धन शोधन और आतंकवाद वित्तपोषण पर आतंकवादी कथनों और प्रचार पर रोक, गरीबी और रासायनिक हथियारों के उन्मूलन पर सहयोग शामिल है.
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अब चिदंबरम का मोदी पर हमला, 'गुजरात में विकास सच में 'पागल' हो गया है'

November 14, 2017 0

अब चिदंबरम का मोदी पर हमला, 'गुजरात में विकास सच में 'पागल' हो गया है'




 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा है कि उन्हें जीवन में एक ही बात का पछतावा है कि वह 'पूर्ण बहुमत' वाली सरकार में वित्त मंत्री नहीं रहे. उन्होंने आर्थिक नीतियों के लिए मोदी सरकार को निशाने पर लिया. चिदंबरम ने कहा कि गुजरात में विकास वास्तव में 'पागल' हो गया है. उन्होंने राज्य में 'असमान' विकास के लिए बीजेपी सरकार की आलोचना की.

पूर्व वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार की बुलेट ट्रेन परियोजना को भी आड़े हाथों लिया. कांग्रेस पार्टी की तरफ से गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जीसीसीआई) में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कारोबारियों से कहा कि उन्हें अपने जीवन में एक ही पछतावा है कि वे कभी भी पूर्ण बहुमत वाली सरकार में वित्त मंत्री नहीं रहे.

बीजेपी की अगुवाई में एनडीए सरकार को लोकसभा में मिली पूर्ण बहुमत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के जनमत के साथ कुछ भी किया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि इस तरह के बहुमत के साथ हम फाइनेंस सेक्टर में पूरी तरह सुधार कर सकते थे. हम करीब-करीब आदर्श रूप में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) पारित कर सकते थे. इस तरह के बहुमत के साथ कोई भी कानून बदला जा सकता था.
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जब पाकिस्तान के ननकाना साहेब पहुंचे सिख श्रद्धालु तो लगे थे खालिस्तान के पोस्टर

November 14, 2017 0

जब पाकिस्तान के ननकाना साहेब पहुंचे सिख श्रद्धालु तो लगे थे खालिस्तान के पोस्टर





पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. गुरुनानक जयंती पर जब सिख श्रद्धालु पाकिस्तान पहुंचे तो वहां पर खालिस्तान के पोस्टर लगे हुए थे. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई, खालिस्तान समर्थकों को मदद कर रही है और एक बार फिर पंजाब को सुलगाने की कोशिशें शुरु कर दी हैं.

Khalistan 3

खालिस्तान के नाम पर पंजाब कई साल तक आतंकवाद को झेलता रहा. 1970 में ये समस्या शुरु हुई थी और करीब 15 साल तक इसने पाकिस्तान की जमीन पर आतंक बरसाया. अब एक बार फिर पाकिस्तान इसे हवा दे रहा है. हाल ही में जब सिख श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित ननकाना साहेब पहुंचे तो वहां खालिस्तान के पोस्टर लगे हुए थे.

Khalistan 2

रिपोर्ट्स के मुताबिक आईएसआई ने खालिस्तान समर्थकों को तलाश कर उन्हें मदद देना शुरु कर दिया है. दरअसल पाकिस्तान में अलग बलूचिस्तान को लेकर जो मांग उठ रही है उसे पाकिस्तान बेहद खौफजदा है. बलूचिस्तान के नेताओं ने पीएम मोदी और भारत से मदद भी मांगी थी.

इसी बात से नाराज पाकिस्तान ने बब्बर खालसा और खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स जैसे संगठनों के विदेश में बैठे आकाओं से संपर्क साधना शुरु कर दिया था. अमेरिका में पाकिस्तान के दूतों ने कहा भी था कि अगर भारत, बलूचिस्तान में दखल देता है तो पाकिस्तान, खालिस्तान के जरिए इसका जवाब दे सकता है.
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अयोध्या विवाद पर बात बनेगी? सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले श्री श्री रविशंकर

November 14, 2017 0

अयोध्या विवाद पर बात बनेगी? सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले श्री श्री रविशंकर





अयोध्या विवाद को अदालत से बाहर सुलझाने के लिए धर्मगुरू श्रीश्री रविशंकर ने अपनी कोशिशें तेज़ कर दी हैं. इस कड़ी में आज उन्होंने लखनऊ में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. अभी तक दोनों के बीच हुई बातचीत का कोई ब्यौरा बाहर नहीं आया है. विश्व हिंदू परिषद ने मध्यस्थता का विरोध किया है.

आपको बता दें कि बीते कुछ दिनों से श्री श्री अयोध्या विवाद को सुलझाने के लिए कोशिश कर रहे हैं और इस सिलसिले में वो कई मुस्लिम नेताओं से भी मिल चुके हैं. योगी से मुलाकात के बाद श्री श्री रविशंकर कल अयोध्या जाएंगे.

खास बात ये  है कि श्री श्री की मध्यस्थता को केंद्र सरकार की तरफ से कोई औपचारिक समर्थन नहीं है. बल्कि केंद्र सरकार ने श्री श्री की कोशिशों से दूरी बना कर रखी हुई है. केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि केंद्र सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है लेकिन अगर बातचीत से मसला हल होता है तो स्वागत योग्य कदम है.

अब तक किस-किस से मिले हैं श्री श्री रविशंकर

बीते दिनों यूपी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की थी. श्री श्री रविशंकर कई इमाम और गुरूओं के संपर्क में हैं. जिनमें निर्मोही अखाड़ा के आचार्य राम दास भी शामिल हैं.

ऐसे बन सकती है सहमति

अखाड़ा परिषद और शिया वक्फ बोर्ड के बीच विवाद खत्म करने को लेकर सहमति बन गई है. शिया वक्फ बोर्ड अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए राजी है. शिया वक्फ बोर्ड ने अयोध्या विवाद सुलझाने वाले ड्राफ्ट का कवर पेज जारी किया है. कवर पेज पर लिखा है, एक रास्ता एकता की ओर. तस्वीर में एक तरफ मंदिर और दूसरी तरफ मस्जिद है.
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